मसाले: उत्पादन और उपयोग

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मसालों की प्रस्तावाना :

साधारण भाषा में मसाला उन कृषि उत्पादों को कहते हैं जो स्वयं खाद्य पदार्थ तो नहीं होते हैं परन्तु उनका उपयोग खाद्य सामग्री को सुगन्धित, स्वादिष्ट, रुचिकर, सुपाच्य व मनमोहक बनाने के लिए किया जाता है ।

अंग्रेजी में मसालों को ‘स्पाइसेज एण्ड कॉन्डिमेन्टस’ कहा जाता है । स्पाइसेज के अन्तर्गत वे मसालें सम्मिलित किए जाते हैं जिन्हें खाद्य पदार्थों के निर्माण में साबुत पीसकर या घोलकर मिलाते हैं जबकि जिन मसालों का उपयोग खाद्य सामग्री में तड़का या बघार के रूप में करते हैं वह ”कॉन्डिमेन्टस” कहलाते हैं ।

परन्तु हिन्दी भाषा में साधारणतया ऐसा वर्गीकरण नहीं कर सभी को मसालें ही कहते हैं । भारत को मसालों का देश कहा जाता है, क्योंकि भारत में विश्व के सर्वाधिक प्रकार के सर्वाधिक मात्रा में मसाले उत्पादित किए जाते हैं । भारत विश्व में मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है ।

मसाला फसलें

 

हल्दी :

मसाला फसलों की श्रृंखला में हल्दी की खेती की जानकारी प्रस्तुत है।

 

वैनिला :

 

लोकप्रिय फसल वैनिला खेती के लिए आवश्यक बातों के साथ उसमें कीट प्रबंधन कैसे हो-इसकी जानकारी प्रस्तुत की गई है।

 

दालचीनी :

 

गुणों से भरपूर एवं भारत के रसोई घरों में प्रमुख स्थान दालचीनी की खेती की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई है।

 

जायफल

 

इस भाग में भारतीय खाने में प्रमुखत: से उपयोग होने वाली जायफल की खेती की जानकारी दी गई है।

 

अदरक :

 

बहुउपयोगी रुप में काम में आने वाली अदरक की खेती की जानकारी यहाँ प्रस्तुत है।

 

काली मिर्च :

 

मसाला तथा औषधि के रूप में बहुतयात में उपयोग में आने वाली काली मिर्च फसल की जानकारी के लिए आवश्यक जानकारी दी गई है।

 

जीरे की फसल :

 

इस भाग में मसाले के रुप में प्रमुख रुप से उपयोग में लाये जाने वाले जीरे की फसल की जानकारी दी गई है।

 

 

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