नीम के फायदे व गुण

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भारत देश में नीम एक बहुत बड़ी औषधी है, जिसे चार हजारों सालों से उपयोग किया जा रहा है| आज के समय में बहुत सी अंग्रेजी दवाइयाँ नीम की पत्ती व उसके पेड़ से बनती है| नीम एक तेजी से बढ़ने वाला पूर्ण पतझड़ पेड़ है, जो 15-20 मी (लगभग 50-65 फुट) की ऊंचाई तक पहुंच सकता है और कभी-कभी 35-40 मी (115-131 फुट) तक भी ऊंचा हो सकता है। नीम गंभीर सूखे में इसकी अधिकतर या लगभग सभी पत्तियां झड़ जाती हैं। इसकी शाखाओं का प्रसार व्यापक होता है। तना अपेक्षाकृत सीधा और छोटा होता है और व्यास में 1.2 मीटर तक पहुँच सकता है। इसकी छाल कठोर, विदरित (दरारयुक्त) या शल्कीय होती है और इसका रंग सफेद-धूसर या लाल, भूरा भी हो सकता है। रसदारु भूरा-सफेद और अंत:काष्ठ लाल रंग का होता है जो वायु के संपर्क में आने से लाल-भूरे रंग में परिवर्तित हो जाता है। जड़ प्रणाली में एक मजबूत मुख्य मूसला जड़ और अच्छी तरह से विकसित पार्श्व जड़ें शामिल होती हैं।20-40 सेमी (8 से 16 इंच) तक लंबी प्रत्यावर्ती पिच्छाकार पत्तियां जिनमें, 20 से लेकर 31 तक गहरे हरे रंग के पत्रक होते हैं जिनकी लंबाई 3-8 सेमी (1 से 3 इंच) तक होती है। अग्रस्त (टर्मिनल) पत्रक प्राय: उनुपस्थित होता है। पर्णवृंत छोटा होता है। कोंपलों (नयी पत्तियाँ) का रंग थोड़ा बैंगनी या लालामी लिये होता है। परिपक्व पत्रकों का आकार आमतौर पर असममितीय होता है और इनके किनारे दंतीय होते हैं।फूल सफेद और सुगन्धित होते हैं और एक लटकते हुये पुष्पगुच्छ जो लगभग 25 सेमी (10 इंच) तक लंबा होता है में सजे रहते हैं। इसका फल चिकना (अरोमिल) गोलाकार से अंडाकार होता है और इसे निंबोली कहते हैं। फल का छिलका पतला तथा गूदा रेशेदार, सफेद पीले रंग का और स्वाद में कड़वा-मीठा होता है।

नीम के पेड की हर एक चीज फायदेमंद होती है, बहुत सी बड़ी बड़ी बीमारियों का इलाज इससे किया जाता है|  लोग अपने घर में इसे लगाते है ताकी इसके फायदे उठा सके| भारत से नीम के पत्तों का निर्यात 36 देशों में किया जाता है|नीम का स्वाद कड़वा होता है, लेकिन ये जितनी कड़वी होती है, उतनी ही फायदे मंद होती है।

नीम की पत्तियो का हमेशा प्रयोग करने से कई बिमारीया जैसे –

मलेरिया, पीलिया, सर्दी खांसी, डायबटीज, आदि बीमारी में फायदा होता है। अगर आप वजन कम करना चाहते है, तो रोज नीम का जूस पीना शुरू कर दीजिये| इससे शरीर का मेटापोलिस्म बढेगा जिससे खाना फैट में नहीं बदलेगा और आपका वजन कम होने लगेगा। नीम में मौजूद तत्व ब्लड में मौजूद शुगर को कंट्रोल करता है। डायबटीज वालों के लिए ये रामबाण इलाज है। रोजाना नीम लेने से इंसुलीन की मात्रा शरीर में बढती है। एक शोध के अनुसार पाया गया है कि नीम में प्रोटीन होता है, जो खून में मौजूद कैंसर के जीवाणु से लड़ता है व उन्हें मारता है। नीम का जूस रोज सुबह लेने से शरीर में मौजूद सारे विषेले तत्व निकल जाते है। नीम कैंसर की बीमारी को दूर करता है, साथ ही रोजाना इसके सेवन से हम कैंसर की बीमारी से भी बचे रह सकते है। नीम की डंठल यानि दातून का उपयोग सदियों से हमारे देश में दांतों को साफ करने के लिए किया जाता है। नीम में मौजूद antibactiriya propertie दांतों से जुडी सारी परेशानी ख़त्म कर देता है। इससे आपके दांत मजबूत व चमकदार होते है।

नीम के इतने सारे फायदे है, इसे आप आसानी से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर सकते है। इसे उपयोग में लाने से आपको ढेरों बीमारियों से राहत मिलेगी, अगर आप आजीवन स्वस्थ रहना चाहते है तो नीम का रस रोजाना सुबह पीना शुरू कर दें, सारी बीमारियों से यह आपको बचा के रखेगा।

 

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