चाइनीज पत्ता गोभी की खेती

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यह भी एक विदेशी सब्जी है जिसको विलायती या चाइनिज-कैबेज कहते हैं । इस प्रकार के पत्ता गोभी को आजकल धीरे-धीरे शहरी क्षेत्रों में उगाने लगे हैं । इस सब्जी को भी माडर्न-सब्जी बाजारों एवं दुकानों पर अधिक बिक्री के लिये रखा जाता है । इस चाइनिज-कैबेज के अन्तर्गत खनिज-लवणों की अधिक मात्रा मिलती है क्योंकि यह सब्जी सिलेन्ड्रीकल ऊंचाई में बढ़ती है । इसका आकार अन्य पत्ता गोभी से बड़ा होता है । गोभी वर्गीय सब्जी होने से फिलेवर अन्य गोभियों की तरह ही होता है । इसका उपयोग अधिकतर बड़े-बड़े होटलों, रेस्टोरेन्ट तथा एम्बेसियों में अधिक होता है । इसको चाइनिज-फूड में व हॉट-फूड में अधिक प्रयोग किया जाता है । चाइनिज-कैबेज भी 50-60 रुपये प्रति किलो बिकता है । इसका प्रयोग अन्य सब्जी के साथ मिलाकर, भूजी तथा चावल के साथ अधिक किया जाता है । इसमें पोषक-तत्व अधिकतर कैल्सियम, लोहा, पोटेशियम, विटामिन तथा खनिज लवण अधिक मात्रा में मिलते हैं ।

चाइनीज पत्ता गोभी के लिए आवश्यक भूमि व जलवायु

यह सब्जी भी शरद ऋतु की है जिसको अन्य गोभी की तरह ही आसानी से उगाया जाता है । सर्वोत्तम भूमि दोमट या बलुई दोमट जीवांश-पदार्थों वाली रहती है । यदि जीवांश की मात्रा कम हो तो खरीफ में हरी-खाद (Green Manuring) या कम्पोस्ट खाद देनी चाहिए । इसके लिए मिट्‌टी का पी.एच. मान 6.0-7.5 उत्तम रहता है ।

जलवायु ठण्डी होनी चाहिए । अधिक गर्म जलवायु उचित नहीं होती है । उप-शीतोष्ण जलवायु सर्वोत्तम रहती है । तापमान 10-15 डी० सेग्रेड के बीच रहता है । कम आर्द्रता की आवश्यकता रहती है । हेड परिपक्व के समय तापमान 250 डी० सेग्रेड उत्तम रहता है । शरद ऋतु में कम ही आर्द्रता उत्तम रहती है ।

चाइनीज पत्ता गोभी के लिए खेत की तैयारी

लाल पत्ता गोभी की तरह ही भूमि को तैयार किया जाता है । सर्वप्रथम दो जुताई मिट्‌टी पलटने वाले हल या हैरों से करें जिससे खेत में पिछली फसल के शेष ठूंठ व अन्य पत्ते आदि मिट्‌टी में दब कर गल-सड़ कर जीवांश-पदार्थ के रूप में परिवर्तित हो जायें | इस प्रकार से 4-5 जुताई करके मिट्‌टी को भुरभुरी कर लें तथा प्रत्येक जुताई के बाद पाटा चलायें जिससे ढेले टूटकर बारीक हो जाये तथा खेत का घास रहित व ढेले रहित होना आवश्यक है । तत्पश्चात् क्यारियां बनानी चाहिए ।

चाइनीज पत्ता गोभी की उन्नत किस्में

इस सब्जी पर अधिक कार्य नहीं हो पाया है इसलिये इसमें तीन किस्में उपलब्ध हैं-

1. ऊंची बढ़ने वाली (Long Cylendrical)- यह किस्म ऊंची, 30-45 सेमी. वृद्धि करती है । एक चाइनिज-कैबेज का वजन 4-5 किलो तक होता है ।

2. कुछ ऊंची बढ़ने वाली (Some Cylendrical)- इस किस्म के पौधे कुछ छोटे गुंथे हुए, वृद्धि करते हैं जिनका वजन 3-4 किलो तथा लम्बाई में 25-30 सेमी. तक के होते हैं ।

3. संकर किस्म (Hybrid)- यह एक छोटे कद में 20-30 सेमी. ऊंचाई का 2-2½ वजन वाला चाइनिज-कैबेज होता है ।

बीज की बुवाई का समय एवं विधि

इसका बीज भी ब्रोकली, लाल पत्ता गोभी की तरह का होता है जिसको अक्टूबर-नवम्बर माह में मैदानी भागों में तथा अप्रैल-मई में पहाड़ी क्षेत्रों में बोया जाता है । बोने की विधि से पौधशाला में बीज बोया जाता है । बोने वाली क्यारी में खाद की अधिक मात्रा डाल कर बीज को पंक्तियों में 5-6 सेमी. व बीज को 1-2 मि. मी. की दूरी पर बोयें तथा बारीक कम्पोस्ट से ढके तथा पानी हल्का दें । इस प्रकार से 6-8 दिन में बीज अंकुरित हो जाता है । ध्यान रहे कि बीज की गहराई अधिक न रखकर 2-3 मि.मी. ही रखें जिससे बीज पूर्णत: सभी निकल आयें । इस प्रकार से 20-25 दिन में पौध लगाने लायक हो जाती है ।

पौध की रोपाई व दूरी 

चाइनिज-कैबेज की रोपाई पौध जब 10-12 सेमी. ऊंची हो जाये तो रोपाई आरम्भ करनी चाहिए । रोपाई सम्भवत: सायं 4 बजे से करें जिससे पौधे धूप से मुरझा न पायें तथा पानी साथ-साथ दें ।

पौधों का लगाने की दूरी इस प्रकार रखें कि पंक्ति से पंक्ति 60 सेमी. तथा पौधे से पौधे की दूरी 45 सेमी. रखनी चाहिए ।

बीज की मात्रा

चाइनिज-कैबेज के बीज की मात्रा प्रति हैक्टर 400 ग्राम जिसको पंक्तियों में बोये तथा छिटकवा बोने के लिये 500 ग्राम बीज प्रति हैक्टर प्रयोग करना चाहिए ।

प्रति एकड़ बीज की मात्रा 150-200 ग्राम पर्याप्त होती है ।

खाद एवं, उर्वरकों की मात्रा

1. गोबर की सड़ी खाद 8-10 टन प्रति हैक्टर

2. उर्वरकों की मात्रा-नत्रजन 40 किलो प्रति हैक्टर, फास्फोरस 60 किलो प्रति हैक्टर और पोटाश 40 किलो प्रति हैक्टर ।

गोबर की खाद, फास्फोरस व पोटाश की सम्पूर्ण मात्रा तथा नत्रजन की आधी मात्रा पौधों को लगाने के 15 दिन पहले अन्तिम जुताई में देना चाहिए तथा आधी नत्रजन की मात्रा को खड़ी फसल में दो बार में देना उचित रहता है ।

सिंचाई

प्रथम सिंचाई रोपाई के तुरन्त बाद करें तथा अन्य सिंचाई 12-15 दिन के अन्तराल पर करें । इस प्रकार से शरद ऋतु की फसल होने से 7-8 सिंचाइयों की आवश्यकता पड़ती है ।

निकाईगुड़ाई

दो-तीन निकाई-गुड़ाई की आवश्यकता पड़ती है । इसी समय जंगली घास व खरपतवार हो जाते हैं जिन्हें निकालना जरूरी हो जाता है । सिंचाई के बाद एक-दो गुड़ाई अवश्य करें । खरपतवार रहने से मुख्य फसल कमजोर रह जाती है । इस क्रिया को ही खरपतवार नियन्त्रण (Weeds Control) कहते हैं ।

शीर्षों की कटाई (Harvesting of Heads)

जब कैबेज के शीर्ष पूर्णत: वृद्धि कर तैयार हो जाते हैं इन्हें नीचे से ही तेज चाकू या हंसिया से काटना चाहिए । पुराने एक-दो पत्ते हटाकर बाजार या स्वयं प्रयोग करना चाहिए । कटाई शाम को करें जिससे शीर्ष ताजे बने रहें ।

उपज

चाइनिज-कैबेज की पैदावार लगभग 200-250 क्विंटल प्रति हैक्टर तथा अच्छी वृद्धि होने पर 300 क्विंटल प्रति हैक्टर उपज मिलती है ।

किचन-गार्डनिंग में भी यह फसल या सब्जी उगाई जा सकती है । इसको क्यारियों व गमलों में भी सुगमतापूर्वक उगाया जा सकता है ।

बीमारी एवं कीट से रोकथाम 

इस पर अधिक बीमारी नहीं लगती लेकिन पत्तों पर धब्बे काले रंग के होते हैं । रोकथाम के लिये फफूंदीनाशक दवा प्रयोग करें ।

कीट अधिकतर एफिड (चेपा) लगता है जो रोगोर व मेटासीड 1% घोल से नियन्त्रित किया जा सकता है |

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